रेत घाट घोटाला: नियमों की धज्जियां, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज 🔴विजय ठाकरे ने यह शिकायत महाराष्ट्र के महसूल मंत्री, संबंधित तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी (SDO) तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रकल्प प्रमुख को लिखित रूप में दी है। शिकायत में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है!

लोकदर्शन 👉 धनराज सिंग शेखवात

गढ़चांदूर (कोरपना तहसील): ईरई क्षेत्र के रेत घाटों पर अवैध उत्खनन और रॉयल्टी से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सोशल एक्टिविस्ट विजय ठाकरे ने महाराष्ट्र के महसूल मंत्री को लिखित शिकायत भेजकर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सड़क निर्माण के लिए रेत उत्खनन की अनुमति 10 जून 2025 तक ही दी गई थी। इसके बावजूद समयसीमा समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से रेत उत्खनन जारी रहने का आरोप लगाया गया है।

“रेत नीति 2025” के तहत प्रत्येक घाट पर सीसीटीवी कैमरे लगाना और हर 15 दिनों में फुटेज तहसील कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया गया। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी भी अधूरी और भ्रामक बताई गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार और प्रशासन के बीच मिलीभगत के चलते अवैध उत्खनन को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।

विजय ठाकरे ने मांग की है कि तहसीलदार, उपविभागीय अधिकारी और NHAI के प्रकल्प प्रमुख को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की जाए। साथ ही, अवैध उत्खनन में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों पर आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

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